धार्तराष्ट्रा: कालपक्वा न चेच्छृण्वन्ति मे वच:।
शेष्यन्ते निहता भूमौ श्वशृगालादनीकृता:॥ ४७॥
अनुवाद
यदि मरनेवाले धृतराष्ट्र के पुत्र मेरी बात न मानेंगे, तो वे मारे जाकर भूमि पर गिर पड़ेंगे और कुत्तों और गीदड़ों का आहार बनेंगे॥ 47॥
If the sons of Dhritarashtra, who are going to die, do not listen to me, they will be killed and fall on the ground and become food for dogs and jackals.॥ 47॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥