Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.82.3: भीमसेन को इस प्रकार शान्त देखकर बुद्धिमान द्रौपदी को बड़ा दुःख हुआ, उसके नेत्रों में आँसू भर आए और वह श्रीकृष्ण से इस प्रकार बोली -॥3॥   |   mahabharat अध्याय 5.82: द्रौपदीका श्रीकृष्णसे अपना दु:ख सुनाना और श्रीकृष्णका उसे आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 82: द्रौपदीका श्रीकृष्णसे अपना दु:ख सुनाना और श्रीकृष्णका उसे आश्वासन देना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.82.3 
भीमसेनं च संशान्तं दृष्ट्वा परमदुर्मना:।
अश्रुपूर्णेक्षणा वाक्यमुवाचेदं मनस्विनी॥ ३॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन को इस प्रकार शान्त देखकर बुद्धिमान द्रौपदी को बड़ा दुःख हुआ, उसके नेत्रों में आँसू भर आए और वह श्रीकृष्ण से इस प्रकार बोली -॥3॥
 
Seeing Bhimasena so calm, the wise Draupadi felt very sad. Her eyes filled with tears and she spoke to Shri Krishna in this manner -॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)