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mahabharat 5.81.2: हे दशार्हनपुत्र! यदि कौरव पाण्डवों से संधि करना चाहें, तो भी तुम्हें उनके विरुद्ध युद्ध की योजना बनानी चाहिए॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 5.81: युद्धके लिये सहदेव तथा सात्यकिकी सम्मति और समस्त योद्धाओंका समर्थन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 81: युद्धके लिये सहदेव तथा सात्यकिकी सम्मति और समस्त योद्धाओंका समर्थन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.81.2 
यदि प्रशममिच्छेयु: कुरव: पाण्डवै: सह।
तथापि युद्धं दाशार्ह योजयेथा: सहैव तै:॥ २॥
 
 
अनुवाद
हे दशार्हनपुत्र! यदि कौरव पाण्डवों से संधि करना चाहें, तो भी तुम्हें उनके विरुद्ध युद्ध की योजना बनानी चाहिए॥ 2॥
 
O son of Dasharahan! Even if the Kauravas wish to enter into a treaty with the Pandavas, you must plan a war against them.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)