Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.80.3: वीर! इसी तरह, अर्जुन ने जो कुछ कहा है, वह तुमने भी सुना है। तुमने भी कई बार अपनी राय व्यक्त की है।   |   mahabharat अध्याय 5.80: नकुलका निवेदन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 80: नकुलका निवेदन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.80.3 
तथैव फाल्गुनेनापि यदुक्तं तत् त्वया श्रुतम्।
आत्मनश्च मतं वीर कथितं भवतासकृत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
वीर! इसी तरह, अर्जुन ने जो कुछ कहा है, वह तुमने भी सुना है। तुमने भी कई बार अपनी राय व्यक्त की है।
 
Veer! Similarly, you have heard whatever Arjun has said. You have expressed your opinion many times.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)