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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 80: नकुलका निवेदन
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श्लोक 17
श्लोक
5.80.17
ते चैनमनुनेष्यन्ति धृतराष्ट्रं जनाधिपम्।
तं च पापसमाचारं सहामात्यं सुयोधनम्॥ १७॥
अनुवाद
ये लोग राजा धृतराष्ट्र और मन्त्रियों सहित पापी दुर्योधन को (समझाकर) सही रास्ते पर लाएँगे। ॥17॥
These people will bring King Dhritarashtra and the sinful Duryodhana along with his ministers on the right path (by convincing them). ॥17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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