श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 80: नकुलका निवेदन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.80.16 
विदुरश्चैव भीष्मश्च द्रोणश्च सहबाह्लिक:।
श्रेय: समर्था विज्ञातुमुच्यमानास्त्वयानघ॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे निष्पाप श्रीकृष्ण! विदुर, भीष्म, द्रोणाचार्य और बाह्लीक - ये सभी आपके द्वारा बताए गए कल्याणकारी मार्ग को समझने में समर्थ हैं॥16॥
 
Sinless Sri Krishna! Vidura, Bhishma, Dronacharya and Bahlika - all of them are capable of understanding the path of welfare when told by you. ॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)