शल्य उवाच
एवमेतन्महाराज यथा वदसि पार्थिव।
एवं ददामि ते प्रीत एवमेतद् भविष्यति॥ )
अनुवाद
शल्य बोले- महाराज! आप जो कह रहे हैं, वह ठीक है। राजन! मैं आपको प्रसन्नतापूर्वक वह वरदान देता हूँ जो आप माँग रहे हैं। वह इस प्रकार होगा- मैं आपकी सेना का सेनापति बनूँगा।
Shalya said- Maharaj! What you are saying is correct. King! I happily give you the boon you are asking for. It will be like this- I will become the commander of your army.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥