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mahabharat 5.8.53: युधिष्ठिर! महापुरुषों को भी समय-समय पर दुःख सहना पड़ता है। हे पृथ्वीवासी! देवताओं को भी बहुत दुःख सहना पड़ा है।   |   mahabharat अध्याय 5.8: शल्यका दुर्योधनके सत्कारसे प्रसन्न हो उसे वर देना और युधिष्ठिरसे मिलकर उन्हें आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.8.53 
दु:खानि हि महात्मान: प्राप्नुवन्ति युधिष्ठिर।
देवैरपि हि दु:खानि प्राप्तानि जगतीपते॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! महापुरुषों को भी समय-समय पर दुःख सहना पड़ता है। हे पृथ्वीवासी! देवताओं को भी बहुत दुःख सहना पड़ा है।
 
Yudhishthira! Even great men suffer from pain from time to time. O earthly one! Even the gods have suffered a lot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)