श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 8: शल्यका दुर्योधनके सत्कारसे प्रसन्न हो उसे वर देना और युधिष्ठिरसे मिलकर उन्हें आश्वासन देना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  5.8.39 
वैशम्पायन उवाच
ततोऽस्याकथयद् राजा दुर्योधनसमागमम्।
तच्च शुश्रूषितं सर्वं वरदानं च भारत॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं - भरत! तत्पश्चात राजा शल्य ने दुर्योधन से भेंट, उसकी सेवा तथा उसे वरदान देने का सब हाल उनसे कह सुनाया।
 
Vaishmpayana says - Bhaarat! Thereafter King Shalya told him everything about meeting Duryodhan, serving him and giving him his boon.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)