Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.8.3-5: राजा! महाबली शल्य अक्षौहिणी सेना के स्वामी थे। सैकड़ों-हजारों वीर क्षत्रिय उनकी विशाल सेना के सेनापति थे। वे सभी वीर थे, अद्भुत कवच धारण किए हुए थे और विचित्र ध्वजाओं और धनुषों से सुशोभित थे। उनके शरीर पर विचित्र आभूषण शोभायमान थे। सबके रथ और वाहन विचित्र थे। सबके गले में विचित्र मालाएँ शोभायमान थीं। सबके वस्त्र और आभूषण अद्भुत लग रहे थे। वे सभी अपने-अपने देश की वेशभूषा धारण किए हुए थे। | mahabharat अध्याय 5.8: शल्यका दुर्योधनके सत्कारसे प्रसन्न हो उसे वर देना और युधिष्ठिरसे मिलकर उन्हें आश्वासन देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा! महाबली शल्य अक्षौहिणी सेना के स्वामी थे। सैकड़ों-हजारों वीर क्षत्रिय उनकी विशाल सेना के सेनापति थे। वे सभी वीर थे, अद्भुत कवच धारण किए हुए थे और विचित्र ध्वजाओं और धनुषों से सुशोभित थे। उनके शरीर पर विचित्र आभूषण शोभायमान थे। सबके रथ और वाहन विचित्र थे। सबके गले में विचित्र मालाएँ शोभायमान थीं। सबके वस्त्र और आभूषण अद्भुत लग रहे थे। वे सभी अपने-अपने देश की वेशभूषा धारण किए हुए थे।
King! The mighty and powerful Shalya was the master of the Akshohini army. Hundreds and thousands of brave Kshatriyas were the commanders commanding his huge army. All of them were valiant, wore wonderful armour and were adorned with strange flags and bows. Strange ornaments adorned all their bodies. Everyone's chariots and vehicles were strange. Strange garlands adorned everyone's neck. Everyone's clothes and ornaments looked wonderful. All of them were wearing the costumes of their respective countries. 3-5.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥