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mahabharat 5.8.24: शल्य से विदा लेकर दुर्योधन अपने नगर को लौट गया और शल्य ने युधिष्ठिर के पास जाकर कुंतीपुत्रों के द्वारा दुर्योधन के कुकृत्य का वृत्तांत सुनाया।   |   mahabharat अध्याय 5.8: शल्यका दुर्योधनके सत्कारसे प्रसन्न हो उसे वर देना और युधिष्ठिरसे मिलकर उन्हें आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.8.24 
स तथा शल्यमामन्त्र्य पुनरायात् स्वकं पुरम्।
शल्यो जगाम कौन्तेयानाख्यातुं कर्म तस्य तत्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
शल्य से विदा लेकर दुर्योधन अपने नगर को लौट गया और शल्य ने युधिष्ठिर के पास जाकर कुंतीपुत्रों के द्वारा दुर्योधन के कुकृत्य का वृत्तांत सुनाया।
 
Having thus taken leave from Shalya, Duryodhana returned to his city, and Shalya went to Yudhishthira to narrate to him through the sons of Kunti about Duryodhana's misdeed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)