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mahabharat 5.8.14: युधिष्ठिर के किन पुरुषों ने ये सभाभवन बनवाए हैं? उन सबको बुलाओ। मैं उन्हें पुरस्कार देने के योग्य समझता हूँ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 5.8: शल्यका दुर्योधनके सत्कारसे प्रसन्न हो उसे वर देना और युधिष्ठिरसे मिलकर उन्हें आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 8: शल्यका दुर्योधनके सत्कारसे प्रसन्न हो उसे वर देना और युधिष्ठिरसे मिलकर उन्हें आश्वासन देना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  5.8.14 
युधिष्ठिरस्य पुरुषा: केऽत्र चक्रु: सभा इमा:।
आनीयन्तां सभाकारा: प्रदेयार्हा हि मे मता:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर के किन पुरुषों ने ये सभाभवन बनवाए हैं? उन सबको बुलाओ। मैं उन्हें पुरस्कार देने के योग्य समझता हूँ॥14॥
 
Which men of Yudhishthira have built these assembly halls? Call them all. I consider them worthy of being given a reward.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)