अहं हि तत् करिष्यामि परं पुरुषकारत:॥ ५॥
दैवं तु न मया शक्यं कर्म कर्तुं कथंचन।
अनुवाद
मैं समझौता कराने के लिए यथासम्भव प्रयत्न करूँगा; तथापि मेरे लिए किसी भी प्रकार से भाग्य के नियमों को टालना या बदलना संभव नहीं है ॥5 1/2॥
I shall make as much effort as I can to bring about a settlement; however, it is not possible for me to avert or change the laws of destiny in any way. ॥ 5 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥