Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.79.21: मुझे वहाँ जाकर सबसे पहले धर्मराज की आज्ञा के अनुसार शांति स्थापित करने का हर संभव प्रयास करना होगा। यदि इसमें सफलता न मिले तो मुझे सोचना होगा कि दुष्ट दुर्योधन को उसके पाप कर्मों का दण्ड कैसे दूँ। | mahabharat अध्याय 5.79: श्रीकृष्णका अर्जुनको उत्तर देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मुझे वहाँ जाकर सबसे पहले धर्मराज की आज्ञा के अनुसार शांति स्थापित करने का हर संभव प्रयास करना होगा। यदि इसमें सफलता न मिले तो मुझे सोचना होगा कि दुष्ट दुर्योधन को उसके पाप कर्मों का दण्ड कैसे दूँ।
I have to go there and first of all make every effort to make peace as per the orders of Dharmaraj. If this does not succeed then I will have to think about how to punish the evil-minded Duryodhan for his sinful deeds.
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि भगवद्यानपर्वणि श्रीकृष्णवाक्ये एकोनाशीतितमोऽध्याय:॥ ७९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत भगवद्यानपर्वमें श्रीकृष्णवाक्यविषयक उन्नासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ७९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥