Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.78.13-14h: क्षत्रिय कुल में उत्पन्न कोई भी धनुर्धर युद्ध के लिए किसी के बुलाने पर पीछे कैसे हट सकता है? भले ही ऐसा करने से उसे अपने प्राणों का भी संकट क्यों न हो?॥13 1/2॥ | mahabharat अध्याय 5.78: अर्जुनका कथन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कथं हि पुरुषो जात: क्षत्रियेषु धनुर्धर:॥ १३॥
समाहूतो निवर्तेत प्राणत्यागेऽप्युपस्थिते।
अनुवाद
क्षत्रिय कुल में उत्पन्न कोई भी धनुर्धर युद्ध के लिए किसी के बुलाने पर पीछे कैसे हट सकता है? भले ही ऐसा करने से उसे अपने प्राणों का भी संकट क्यों न हो?॥13 1/2॥
How can any archer born in a Kshatriya clan retreat when someone invites him to fight? Even if doing so puts him in danger of losing his life?॥ 13 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥