Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.77.11: पाण्डुनन्दन! मनुष्य पुरुषार्थ के अतिरिक्त किसी अन्य उपाय से अपना जीवन नहीं चला सकता, केवल ईश्वर से ही उसका पालन होता है। ऐसा विचार करके उसे कर्म में लग जाना चाहिए। तभी भाग्य और पुरुषार्थ का सम्बन्ध फल देगा। 11॥ | mahabharat अध्याय 5.77: श्रीकृष्णका भीमसेनको आश्वासन देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पाण्डुनन्दन! मनुष्य पुरुषार्थ के अतिरिक्त किसी अन्य उपाय से अपना जीवन नहीं चला सकता, केवल ईश्वर से ही उसका पालन होता है। ऐसा विचार करके उसे कर्म में लग जाना चाहिए। तभी भाग्य और पुरुषार्थ का सम्बन्ध फल देगा। 11॥
Pandunandan! Man cannot sustain his life by any other means except efforts, only by God. Thinking this, he should engage in action. Then the relationship between destiny and effort will yield results. 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥