vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 5: उद्योग पर्व
»
अध्याय 76: भीमसेनका उत्तर
»
श्लोक 6-7h
श्लोक
5.76.6-7h
सर्वथानार्यकर्मैतत् प्रशंसा स्वयमात्मन:॥ ६॥
अतिवादापविद्धस्तु वक्ष्यामि बलमात्मन:।
अनुवाद
यद्यपि अपनी प्रशंसा करना नीच मनुष्यों का काम है, फिर भी आपने मेरे विरुद्ध जो अपमान किया है, उससे दुःखी होकर मैं अपने बल का बखान कर रहा हूँ। 6 1/2
Although praising oneself is the work of lowly men, yet being pained by the insults you have uttered against me, I am boasting of my strength. 6 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×