| श्री महाभारत » पर्व 5: उद्योग पर्व » अध्याय 76: भीमसेनका उत्तर » श्लोक 13-14h |
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| | | | श्लोक 5.76.13-14h  | अथ चेन्मां न जानासि सूर्यस्येवोद्यत: प्रभाम्॥ १३॥
विगाढे युधि सम्बाधे वेत्स्यसे मां जनार्दन। | | | | | | अनुवाद | | हे जनार्दन! यदि संयोगवश तुम मुझे या मेरे पराक्रम को नहीं जानते, तो जब भीषण और विनाशकारी युद्ध आरम्भ होगा, उस समय तुम मुझे उदय होते हुए सूर्य की प्रभा के समान अवश्य जान लोगे। ॥13 1/2॥ | | | | O Janardan! If by chance you do not know me or my prowess, then when the horrific and destructive battle begins, at that time you will certainly know me like the radiance of the rising sun. ॥ 13 1/2 ॥ | | ✨ ai-generated | | |
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