Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.75.15: हे! युद्ध का अवसर आने पर, जो पहले युद्ध की इच्छा रखते थे, उनके विचार इतने बदल जाते हैं कि वे विपरीत विचार करने लगते हैं। भीमसेन! ऐसा प्रतीत होता है कि इसीलिए आप भी युद्ध से डरने लगे हैं॥ 15॥ | mahabharat अध्याय 5.75: श्रीकृष्णका भीमसेनको उत्तेजित करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे! युद्ध का अवसर आने पर, जो पहले युद्ध की इच्छा रखते थे, उनके विचार इतने बदल जाते हैं कि वे विपरीत विचार करने लगते हैं। भीमसेन! ऐसा प्रतीत होता है कि इसीलिए आप भी युद्ध से डरने लगे हैं॥ 15॥
Oh! When the occasion of war presents itself, the thoughts of those who had earlier desired war change so much that they start thinking the opposite. Bhimsena! It seems that is why you too have started fearing war.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥