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श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 75: श्रीकृष्णका भीमसेनको उत्तेजित करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.75.11 
भ्रुकुटिं च पुन: कुर्वन्नोष्ठौ च विदशन्निव।
अभीक्ष्णं दृश्यसे भीम सर्वं तन्मन्युकारितम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन! मैंने तुम्हें बार-बार अपनी भौंहें टेढ़ी करते और होंठ काटते देखा है। यह सब तुम्हारे क्रोध का ही परिणाम है।
 
Bhimsena! I have seen you repeatedly crooking your eyebrows and biting your lips. All this is the result of your anger.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)