Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.73.9: हे राजा शत्रुमर्दन! यह मत सोचो कि धृतराष्ट्र के पुत्र तुम पर दया करके, अपने को दीन और दुर्बल समझकर अथवा धर्म और अर्थ पर दृष्टि रखकर तुम्हारी इच्छा पूरी करेंगे॥9॥ | mahabharat अध्याय 5.73: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको युद्धके लिये प्रोत्साहन देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नानुक्रोशान्न कार्पण्यान्न च धर्मार्थकारणात्।
अलं कर्तुं धार्तराष्ट्रास्तव काममरिंदम॥ ९॥
अनुवाद
हे राजा शत्रुमर्दन! यह मत सोचो कि धृतराष्ट्र के पुत्र तुम पर दया करके, अपने को दीन और दुर्बल समझकर अथवा धर्म और अर्थ पर दृष्टि रखकर तुम्हारी इच्छा पूरी करेंगे॥9॥
O King Shatrumardan! Do not think that the sons of Dhritarashtra will fulfill your desires by showing mercy on you or by considering themselves poor and weak or by keeping an eye on Dharma and Artha.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥