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mahabharat 5.73.34: यदि तुम वहाँ शांति के लिए प्रार्थना करोगे, तो तुम किसी भी अधर्म में भागीदार नहीं बनोगे। सभी राजा कौरवों और धृतराष्ट्र की निंदा करेंगे।   |   mahabharat अध्याय 5.73: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको युद्धके लिये प्रोत्साहन देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 73: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको युद्धके लिये प्रोत्साहन देना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  5.73.34 
शमं वै याचमानस्त्वं नाधर्मं तत्र लप्स्यसे।
कुरून् विगर्हयिष्यन्ति धृतराष्ट्रं च पार्थिवा:॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
यदि तुम वहाँ शांति के लिए प्रार्थना करोगे, तो तुम किसी भी अधर्म में भागीदार नहीं बनोगे। सभी राजा कौरवों और धृतराष्ट्र की निंदा करेंगे।
 
If you pray for peace there, you will not be a party to any wrongdoing. All the kings will slander the Kauravas and Dhritarashtra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)