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mahabharat 5.73.14: हे राजन! ऐसे कुटिल स्वभाव और बुरे आचरण वाले दुर्योधन पर आप प्रेम न करें। हे भरत! धृतराष्ट्र के वे पुत्र तो सभी के द्वारा मारे जाने वाले हैं, फिर आप उन्हें क्यों मारें?॥14॥   |   mahabharat अध्याय 5.73: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको युद्धके लिये प्रोत्साहन देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 73: श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको युद्धके लिये प्रोत्साहन देना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  5.73.14 
तथाशीलसमाचारे राजन् मा प्रणयं कृथा:।
वध्यास्ते सर्वलोकस्य किं पुनस्तव भारत॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! ऐसे कुटिल स्वभाव और बुरे आचरण वाले दुर्योधन पर आप प्रेम न करें। हे भरत! धृतराष्ट्र के वे पुत्र तो सभी के द्वारा मारे जाने वाले हैं, फिर आप उन्हें क्यों मारें?॥14॥
 
O King! Do not show love towards Duryodhan who has such a crooked nature and bad conduct. O Bharata! Those sons of Dhritarashtra are to be killed by everyone; then why should you kill them?॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)