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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 72: युधिष्ठिरका श्रीकृष्णसे अपना अभिप्राय निवेदन करना, श्रीकृष्णका शान्तिदूत बनकर कौरवसभामें जानेके लिये उद्यत होना और इस विषयमें उन दोनोंका वार्तालाप
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श्लोक d6-1
श्लोक
5.72.d6-1
जनार्दनं समासाद्य कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिर:॥ )
अभ्यभाषत दाशार्हमृषभं सर्वसात्वताम्॥ १॥
अनुवाद
कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर ने समस्त यदुवंशियों में श्रेष्ठ दशरथ कुलानन्दन जनार्दन जनार्दन के पास पहुँचकर इस प्रकार कहा- 1॥
Kunti's son King Yudhishthir, after reaching Janardan Janardan, the best among all the Yadu clans, Dasharha Kulanandan, said thus - 1॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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