Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.72.d5: उस समय शत्रुओं के लिए संकट में पड़े हुए प्रतीत होने वाले सभा के सभी श्रेष्ठ सदस्य, भूपालगण, पाण्डवों के साथ श्रीकृष्ण के पास उसी प्रकार गये, जैसे देवतागण इन्द्र के पास जाते हैं। | mahabharat अध्याय 5.72: युधिष्ठिरका श्रीकृष्णसे अपना अभिप्राय निवेदन करना, श्रीकृष्णका शान्तिदूत बनकर कौरवसभामें जानेके लिये उद्यत होना और इस विषयमें उन दोनोंका वार्तालाप । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पाण्डवै: सह राजानो मरुत्वन्तमिवामरा:॥
तदा च दु:सहा: सर्वे सदस्यास्ते नरर्षभा:।
अनुवाद
उस समय शत्रुओं के लिए संकट में पड़े हुए प्रतीत होने वाले सभा के सभी श्रेष्ठ सदस्य, भूपालगण, पाण्डवों के साथ श्रीकृष्ण के पास उसी प्रकार गये, जैसे देवतागण इन्द्र के पास जाते हैं।
At that time, all the best members of the assembly, Bhupalgana, who appeared to be in trouble for the enemies, went to Shri Krishna along with the Pandavas in the same way as the gods go to Indra.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥