युधिष्ठिर उवाच
न ममैतन्मतं कृष्ण यत् त्वं याया: कुरून् प्रति।
सुयोधन: सूक्तमपि न करिष्यति ते वच:॥ ८२॥
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले, "श्रीकृष्ण! मुझे नहीं लगता कि आपको कौरवों के पास जाना चाहिए, क्योंकि दुर्योधन आपकी कही हुई अच्छी बातें भी नहीं सुनेगा।"
Yudhishthira said, "Shri Krishna! I do not think that you should go to the Kauravas because Duryodhan will not listen to even the good things you say."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥