तत्र किं मन्यसे कृष्ण प्राप्तकालमनन्तरम्।
कथमर्थाच्च धर्माच्च न हीयेमहि माधव॥ ७६॥
अनुवाद
माधव श्रीकृष्ण! ऐसे समय में आप क्या उचित समझते हैं? हमें कैसा आचरण करना चाहिए जिससे हमें धन और धर्म से वंचित न होना पड़े?॥ 76॥
Madhava Sri Krishna! What do you think is appropriate in such times? How should we behave so that we do not have to be deprived of wealth and religion?॥ 76॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥