Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.72.49: श्री कृष्ण! युद्ध में सदैव संघर्ष होता रहता है और उसी के कारण प्राणों की हानि होती है। मैं नीति के बल पर युद्ध करूँगा। तब विजय या पराजय ईश्वर की इच्छा के अनुसार होगी।॥49॥ | mahabharat अध्याय 5.72: युधिष्ठिरका श्रीकृष्णसे अपना अभिप्राय निवेदन करना, श्रीकृष्णका शान्तिदूत बनकर कौरवसभामें जानेके लिये उद्यत होना और इस विषयमें उन दोनोंका वार्तालाप । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री कृष्ण! युद्ध में सदैव संघर्ष होता रहता है और उसी के कारण प्राणों की हानि होती है। मैं नीति के बल पर युद्ध करूँगा। तब विजय या पराजय ईश्वर की इच्छा के अनुसार होगी।॥49॥
Sri Krishna! In war there is always conflict and due to that lives are lost. I will fight the war taking recourse to the power of ethics. Then victory or defeat will be according to the will of God. ॥ 49॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥