Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.72.43: दूसरा उपाय यह है कि हम कौरवों को मारकर सम्पूर्ण राज्य पर अधिकार कर लें; परन्तु यह तो घोर क्रूरता की पराकाष्ठा होगी (क्योंकि इस स्थिति में तो हम बहुत से निरपराध लोगों को मारकर ही विजयी होंगे)।॥ 43॥ | mahabharat अध्याय 5.72: युधिष्ठिरका श्रीकृष्णसे अपना अभिप्राय निवेदन करना, श्रीकृष्णका शान्तिदूत बनकर कौरवसभामें जानेके लिये उद्यत होना और इस विषयमें उन दोनोंका वार्तालाप । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दूसरा उपाय यह है कि हम कौरवों को मारकर सम्पूर्ण राज्य पर अधिकार कर लें; परन्तु यह तो घोर क्रूरता की पराकाष्ठा होगी (क्योंकि इस स्थिति में तो हम बहुत से निरपराध लोगों को मारकर ही विजयी होंगे)।॥ 43॥
The other option is that we kill the Kauravas and take over the entire kingdom; but this would be the height of a horrific act of cruelty (because in this case we will be victorious only after killing many innocent people).॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥