Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.70.3: ईश्वर समस्त प्राणियों का निवासस्थान है और सभी प्राणियों में निवास करता है, इसलिए उसे 'वसु' कहते हैं और क्योंकि वह देवताओं का उद्गमस्थान है और सभी देवता उसमें निवास करते हैं, इसलिए उसे 'देव' कहते हैं। इसलिए उसका नाम 'वासुदेव' जानना चाहिए। क्योंकि वह व्यापक अर्थात् सर्वव्यापी है, इसलिए उसे 'विष्णु' कहते हैं। | mahabharat अध्याय 5.70: भगवान् श्रीकृष्णके विभिन्न नामोंकी व्युत्पत्तियोंका कथन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ईश्वर समस्त प्राणियों का निवासस्थान है और सभी प्राणियों में निवास करता है, इसलिए उसे 'वसु' कहते हैं और क्योंकि वह देवताओं का उद्गमस्थान है और सभी देवता उसमें निवास करते हैं, इसलिए उसे 'देव' कहते हैं। इसलिए उसका नाम 'वासुदेव' जानना चाहिए। क्योंकि वह व्यापक अर्थात् सर्वव्यापी है, इसलिए उसे 'विष्णु' कहते हैं।
God is the abode of all beings and resides in all beings, therefore he is called 'Vasu' and because he is the place of origin of the gods and all the gods reside in him, he is called 'Dev'. Therefore, his name should be known as 'Vasudev'. Because he is vast i.e. all-pervasive, he is called 'Vishnu'. 3.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥