Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.7.37: बहुत दिनों से मेरे हृदय में यह अभिलाषा थी कि मैं आपको अपना सारथी बनाऊँ - अपने जीवन-रथ की बागडोर आपके हाथों में सौंप दूँ। कृपया मेरी इस चिरकालीन अभिलाषा को पूर्ण करें॥ 37॥ | mahabharat अध्याय 5.7: श्रीकृष्णका दुर्योधन तथा अर्जुन दोनोंको सहायता देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बहुत दिनों से मेरे हृदय में यह अभिलाषा थी कि मैं आपको अपना सारथी बनाऊँ - अपने जीवन-रथ की बागडोर आपके हाथों में सौंप दूँ। कृपया मेरी इस चिरकालीन अभिलाषा को पूर्ण करें॥ 37॥
For a long time I have had this desire in my heart to make you my charioteer - to hand over the reins of my life's chariot in your hands. Please fulfill this long-standing desire of mine.॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥