Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.7.15: भगवान श्रीकृष्ण बोले - हे राजन, इसमें कोई संदेह नहीं कि आप सबसे पहले मेरे यहां आए, लेकिन मैंने कुंती पुत्र अर्जुन को सबसे पहले देखा था।   |   mahabharat अध्याय 5.7: श्रीकृष्णका दुर्योधन तथा अर्जुन दोनोंको सहायता देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 7: श्रीकृष्णका दुर्योधन तथा अर्जुन दोनोंको सहायता देना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.7.15 
श्रीकृष्ण उवाच
भवानभिगत: पूर्वमत्र मे नास्ति संशय:।
दृष्टस्तु प्रथमं राजन् मया पार्थो धनंजय:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण बोले - हे राजन, इसमें कोई संदेह नहीं कि आप सबसे पहले मेरे यहां आए, लेकिन मैंने कुंती पुत्र अर्जुन को सबसे पहले देखा था।
 
Lord Krishna said - O King, there is no doubt that you came to my place first, but I saw Kunti's son Arjun first.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)