Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.69.8: तब धृतराष्ट्र ने गांधारी से कहा - गांधारी! तुम्हारा यह दुष्टबुद्धि, दुष्टचित्त, ईर्ष्यालु और अभिमानी पुत्र श्रेष्ठ पुरुषों की आज्ञा का उल्लंघन करके नरक की ओर जा रहा है।   |   mahabharat अध्याय 5.69: संजयका धृतराष्ट्रको श्रीकृष्ण-प्राप्ति एवं तत्त्वज्ञानका साधन बताना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 69: संजयका धृतराष्ट्रको श्रीकृष्ण-प्राप्ति एवं तत्त्वज्ञानका साधन बताना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  5.69.8 
धृतराष्ट्र उवाच
अवाग् गान्धारि पुत्रस्ते गच्छत्येष सुदुर्मति:।
ईर्षुर्दुरात्मा मानी च श्रेयसां वचनातिग:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तब धृतराष्ट्र ने गांधारी से कहा - गांधारी! तुम्हारा यह दुष्टबुद्धि, दुष्टचित्त, ईर्ष्यालु और अभिमानी पुत्र श्रेष्ठ पुरुषों की आज्ञा का उल्लंघन करके नरक की ओर जा रहा है।
 
Then Dhritarashtra said to Gandhari - Gandhari! Your evil-minded, evil-minded, jealous and arrogant son is going towards hell by disobeying the orders of the best men. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)