Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.69.21: राजन! मनुष्य अपनी इन्द्रियों पर विजय प्राप्त किए बिना भगवान कृष्ण को प्राप्त नहीं कर सकता। जिसने शास्त्र ज्ञान और योग के प्रभाव से अपने मन और इन्द्रियों को वश में कर लिया है, वह आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करके सुखी हो जाता है। 21॥ | mahabharat अध्याय 5.69: संजयका धृतराष्ट्रको श्रीकृष्ण-प्राप्ति एवं तत्त्वज्ञानका साधन बताना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! मनुष्य अपनी इन्द्रियों पर विजय प्राप्त किए बिना भगवान कृष्ण को प्राप्त नहीं कर सकता। जिसने शास्त्र ज्ञान और योग के प्रभाव से अपने मन और इन्द्रियों को वश में कर लिया है, वह आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करके सुखी हो जाता है। 21॥
Rajan! Man cannot attain Lord Krishna without conquering his senses. He who has controlled his mind and senses through the knowledge of scriptures and the influence of yoga, becomes happy after attaining the spiritual knowledge. 21॥
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि यानसंधिपर्वणि संजयवाक्ये एकोनसप्ततितमोऽध्याय:॥ ६९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत यानसंधिपर्वमें संजयवाक्यविषयक उनहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ६९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥