श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 69: संजयका धृतराष्ट्रको श्रीकृष्ण-प्राप्ति एवं तत्त्वज्ञानका साधन बताना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.69.12 
जानात्येष हृषीकेशं पुराणं यच्च वै परम्।
शुश्रूषमाणमेकाग्रं मोक्ष्यते महतो भयात्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
यह संजय पुराणपुरुष भगवान श्रीकृष्ण को जानता है और उनका परम तत्त्व भी उसे ज्ञात है। यदि तुम एकाग्रचित्त होकर इसका श्रवण करोगे, तो यह तुम्हें महान भय से मुक्त कर देगा। 12॥
 
This Sanjay Puranapurush knows Lord Shri Krishna and his supreme essence is also known to him. If you listen to it with concentration, it will free you from great fear. 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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