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mahabharat 5.69.11: तत्पश्चात् व्यासजी बोले - राजा धृतराष्ट्र! मेरी बात पर ध्यान दो। वास्तव में तुम श्रीकृष्ण को प्रिय हो, इसीलिए तुम्हें संजय जैसा दूत मिला है, जो कल्याण के कार्यों में तुम्हारी सहायता करेगा। 11॥   |   mahabharat अध्याय 5.69: संजयका धृतराष्ट्रको श्रीकृष्ण-प्राप्ति एवं तत्त्वज्ञानका साधन बताना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 69: संजयका धृतराष्ट्रको श्रीकृष्ण-प्राप्ति एवं तत्त्वज्ञानका साधन बताना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.69.11 
व्यास उवाच
प्रियोऽसि राजन् कृष्णस्य धृतराष्ट्र निबोध मे।
यस्य ते संजयो दूतो यस्त्वां श्रेयसि योक्ष्यते॥ ११॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् व्यासजी बोले - राजा धृतराष्ट्र! मेरी बात पर ध्यान दो। वास्तव में तुम श्रीकृष्ण को प्रिय हो, इसीलिए तुम्हें संजय जैसा दूत मिला है, जो कल्याण के कार्यों में तुम्हारी सहायता करेगा। 11॥
 
Thereafter Vyasji said – King Dhritarashtra! Pay attention to what I say. In fact, you are dear to Shri Krishna, that is why you have got a messenger like Sanjay, who will help you in welfare matters. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)