धृतराष्ट्र उवाच
कथं त्वं माधवं वेत्थ सर्वलोकमहेश्वरम्।
कथमेनं न वेदाहं तन्ममाचक्ष्व संजय॥ १॥
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! तुम कैसे जानते हो कि मधुवंशी भगवान श्रीकृष्ण ही समस्त लोकों के महान ईश्वर हैं? और मैं उन्हें इस रूप में क्यों नहीं जानता? इसका रहस्य मुझे बताओ॥1॥
Dhritarashtra asked - Sanjay! How do you know that Lord Krishna of Madhuvanshi lineage is the great God of all the worlds? And why do I not know him in this form? Tell me the secret of this.॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥