Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.68.15: भगवान केशव अपनी माया के बल से सम्पूर्ण प्राणियों को मोहित करते हैं; परन्तु जो केवल उन्हीं के शरणागत हैं, वे उनकी माया से मोहित नहीं होते॥15॥ | mahabharat अध्याय 5.68: संजयका धृतराष्ट्रको भगवान् श्रीकृष्णकी महिमा बतलाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तेन वञ्चयते लोकान् मायायोगेन केशव:।
ये तमेव प्रपद्यन्ते न ते मुह्यन्ति मानवा:॥ १५॥
अनुवाद
भगवान केशव अपनी माया के बल से सम्पूर्ण प्राणियों को मोहित करते हैं; परन्तु जो केवल उन्हीं के शरणागत हैं, वे उनकी माया से मोहित नहीं होते॥15॥
Lord Keshav keeps all beings bewildered by the power of His Maya; but those who surrender to Him alone are not bewildered by His Maya. ॥15॥
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि यानसंधिपर्वणि संजयवाक्येऽष्टषष्टितमोऽध्याय:॥ ६८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत यानसंधिपर्वमें संजयवाक्यविषयक अड़सठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ६८॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥