Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.67.1: वैशम्पायनजी कहते हैं - जनमेजय! जब धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन ने श्रीकृष्ण और अर्जुन की बातों पर ध्यान नहीं दिया और सब लोग चुप रहे, तब वहाँ बैठे हुए सभी श्रेष्ठ राजा उठकर वहाँ से चले गए॥1॥ | mahabharat अध्याय 5.67: धृतराष्ट्रके पास व्यास और गान्धारीका आगमन तथा व्यासजीका संजयको श्रीकृष्ण और अर्जुनके सम्बन्धमें कुछ कहनेका आदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं - जनमेजय! जब धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन ने श्रीकृष्ण और अर्जुन की बातों पर ध्यान नहीं दिया और सब लोग चुप रहे, तब वहाँ बैठे हुए सभी श्रेष्ठ राजा उठकर वहाँ से चले गए॥1॥
Vaishmpayana says - Janamejaya! When Duryodhana, the son of Dhritarashtra, did not pay any attention to what Shri Krishna and Arjun said and everybody kept quiet, then all the best kings sitting there got up and left the place. ॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥