Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.65.14-15: आपके भाइयोंसहित जो सम्पूर्ण सेना विराटनगर में युद्ध के लिए गई थी, वह सब गौएँ वहीं छोड़कर आपके सामने से बड़े भय से भाग गई। ऐसा कहा जाता है कि उस नगर में एक (अर्जुन) और अनेकों के बीच अद्भुत युद्ध हुआ; वह एक ही उदाहरण (उसके बल और अजेयता को दर्शाने के लिए) पर्याप्त है॥14-15॥ | mahabharat अध्याय 5.65: धृतराष्ट्रका दुर्योधनको समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यत् तद् विराटनगरे सह भ्रातृभिरग्रत:।
उत्सृज्य गा: सुसंत्रस्तं बलं ते समशीर्यत॥ १४॥
यच्चैव नगरे तस्मिञ्छ्रूयते महदद्भुतम्।
एकस्य च बहूनां च पर्याप्तं तन्निदर्शनम्॥ १५॥
अनुवाद
आपके भाइयोंसहित जो सम्पूर्ण सेना विराटनगर में युद्ध के लिए गई थी, वह सब गौएँ वहीं छोड़कर आपके सामने से बड़े भय से भाग गई। ऐसा कहा जाता है कि उस नगर में एक (अर्जुन) और अनेकों के बीच अद्भुत युद्ध हुआ; वह एक ही उदाहरण (उसके बल और अजेयता को दर्शाने के लिए) पर्याप्त है॥14-15॥
The entire army that had gone to Viratnagar for battle, including your brothers, left all the cows there and fled in front of you in great fear. It is told that in that city a wonderful battle took place between one (Arjuna) and many; that one example alone is enough (to show his strength and invincibility).॥14-15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥