कर्मणाऽऽचरितं पूर्वं सद्भिराचरितं च यत्।
तदेवास्थाय मोदन्ते दान्ता: शमपरायणा:॥ २१॥
अनुवाद
जो कर्तव्य कर्मों द्वारा सम्पन्न होते हैं और जिनका आचरण पूर्वकाल के पुण्यात्माओं ने किया है, उन्हें अपनाकर संयमी पुरुष सदैव आनन्द से परिपूर्ण रहते हैं ॥ 21॥
By adopting the duties which are performed through actions and which have been practised by the virtuous souls of the past, men endowed with self-control remain always filled with joy. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥