कामो लोभश्च दर्पश्च मन्युर्निद्रा विकत्थनम्।
मान ईर्ष्या च शोकश्च नैतद् दान्तो निषेवते।
अजिह्ममशठं शुद्धमेतद् दान्तस्य लक्षणम्॥ १६॥
अनुवाद
दमित पुरुष काम, लोभ, मद, क्रोध, निद्रा, आत्म-प्रशंसा, मद, ईर्ष्या और शोक आदि विकारों को अपने ऊपर हावी नहीं होने देता। कुटिलता, हठ का अभाव और आत्मशुद्धि, ये बलवान पुरुष के लक्षण हैं ॥16॥
A repressed man does not allow the vices of lust, greed, pride, anger, sleep, self-praise, pride, jealousy and grief to overtake him. Deviousness, lack of stubbornness and self-purification are the symptoms of a strong man. 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥