Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.62.6: पितामह भीष्म आपके पास रहें, आचार्य द्रोण तथा सभी प्रमुख राजा भी आपके पास रहें। मैं अपनी मुख्य सेना के साथ जाकर अकेले ही कुन्ती के समस्त पुत्रों का वध करूँगा। इसका सम्पूर्ण भार मुझ पर होगा।'॥6॥ | mahabharat अध्याय 5.62: कर्णकी आत्मप्रशंसा, भीष्मके द्वारा उसपर आक्षेप, कर्णका सभा त्यागकर जाना और भीष्मका उसके प्रति पुन: आक्षेपयुक्त वचन कहना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पितामहस्तिष्ठतु ते समीपे
द्रोणश्च सर्वे च नरेन्द्रमुख्या:।
यथा प्रधानेन बलेन गत्वा
पार्थान् हनिष्यामि ममैष भार:॥ ६॥
अनुवाद
पितामह भीष्म आपके पास रहें, आचार्य द्रोण तथा सभी प्रमुख राजा भी आपके पास रहें। मैं अपनी मुख्य सेना के साथ जाकर अकेले ही कुन्ती के समस्त पुत्रों का वध करूँगा। इसका सम्पूर्ण भार मुझ पर होगा।'॥6॥
Grandfather Bhishma should stay near you, Acharya Drona and all the chief kings should also stay near you. I will go with my main army and kill all the sons of Kunti alone. The entire burden of this will be on me.'॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥