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mahabharat 5.6.4: आपकी बुद्धि शुक्राचार्य और बृहस्पति के समान है। आप दुर्योधन के आचरण और विचारों से भली-भाँति परिचित हैं।॥4॥   |   mahabharat अध्याय 5.6: द्रुपदका पुरोहितको दौत्यकर्मके लिये अनुमति देना तथा पुरोहितका हस्तिनापुरको प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.6.4 
प्रज्ञया सदृशश्चासि शुक्रेणाङ्गिरसेन च।
विदितं चापि ते सर्वं यथावृत्त: स कौरव:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
आपकी बुद्धि शुक्राचार्य और बृहस्पति के समान है। आप दुर्योधन के आचरण और विचारों से भली-भाँति परिचित हैं।॥4॥
 
Your intelligence is like that of Shukracharya and Brihaspati. You are well aware of Duryodhan's conduct and thoughts. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)