श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 59: संजयका धृतराष्ट्रके पूछनेपर उन्हें श्रीकृष्ण और अर्जुनके अन्त:पुरमें कहे हुए संदेश सुनाना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  5.59.10 
श्यामौ बृहन्तौ तरुणौ शालस्कन्धाविवोद्‍गतौ।
एकासनगतौ दृष्ट्वा भयं मां महदाविशत्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
श्रीकृष्ण और अर्जुन दोनों ही श्याम वर्ण, सुगठित, तरुण और साल वृक्ष के तने के समान ऊँचे थे। उन दोनों को एक ही आसन पर बैठे देखकर मैं भय से भर गया॥10॥
 
Sri Krishna and Arjun were both dark-skinned, well-built, young and as tall as the trunk of a sal tree. Seeing them both sitting on the same seat, I was filled with fear.॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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