श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 58: धृतराष्ट्रका दुर्योधनको संधिके लिये समझाना, दुर्योधनका अहंकारपूर्वक पाण्डवोंसे युद्ध करनेका ही निश्चय तथा धृतराष्ट्रका अन्य योद्धाओंको युद्धसे भय दिखाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  5.58.23 
सेनामुखे प्रयुद्धानां भीमसेनो भविष्यति।
तं सर्वे संश्रयिष्यन्ति प्राकारमकुतोभयम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन सेना में समस्त पाण्डव योद्धाओं के सामने खड़े होंगे और उन्हें निर्भय दीवार के समान जानकर सभी योद्धा उनकी शरण लेंगे ॥23॥
 
Bhimasena will stand before all the Pandava warriors in the army and all the warriors will take shelter under him, considering him to be like a fearless wall. ॥23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)