Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.58.1: धृतराष्ट्र बोले- संजय! पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर महाबली हैं। उन्होंने बाल्यकाल से ही ब्रह्मचर्य का पालन किया है, किन्तु मेरे ये मूर्ख पुत्र मेरे विलाप पर ध्यान न देकर उन्हीं युधिष्ठिर के विरुद्ध युद्ध करने जा रहे हैं॥ 1॥ | mahabharat अध्याय 5.58: धृतराष्ट्रका दुर्योधनको संधिके लिये समझाना, दुर्योधनका अहंकारपूर्वक पाण्डवोंसे युद्ध करनेका ही निश्चय तथा धृतराष्ट्रका अन्य योद्धाओंको युद्धसे भय दिखाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृतराष्ट्र बोले- संजय! पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर महाबली हैं। उन्होंने बाल्यकाल से ही ब्रह्मचर्य का पालन किया है, किन्तु मेरे ये मूर्ख पुत्र मेरे विलाप पर ध्यान न देकर उन्हीं युधिष्ठिर के विरुद्ध युद्ध करने जा रहे हैं॥ 1॥
Dhritarashtra said— Sanjay! Yudhishthira, son of Pandu, is full of warrior power. He has observed celibacy since his childhood, but these foolish sons of mine are going to wage war against the same Yudhishthira, without paying heed to my lamentations.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥