Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.57.28: मेरा विश्वास है कि हमसे शत्रुता रखने वाले महाबली पाण्डव रणभूमि में हमारी विशाल सेना को अवश्य ही परास्त कर देंगे। उनके द्वारा भगाई गई सेना का कौन अनुसरण या सहायता कर सकेगा?॥28॥ | mahabharat अध्याय 5.57: संजयद्वारा पाण्डवोंकी युद्धविषयक तैयारीका वर्णन, धृतराष्ट्रका विलाप, दुर्योधनद्वारा अपनी प्रबलताका प्रतिपादन, धृतराष्ट्रका उसपर अविश्वास तथा संजयद्वारा धृष्टद्युम्नकी शक्ति एवं संदेशका कथन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मेरा विश्वास है कि हमसे शत्रुता रखने वाले महाबली पाण्डव रणभूमि में हमारी विशाल सेना को अवश्य ही परास्त कर देंगे। उनके द्वारा भगाई गई सेना का कौन अनुसरण या सहायता कर सकेगा?॥28॥
I believe that the great Pandavas who are at enmity with us will surely defeat our huge army in the battlefield. Who will be able to follow or help the army that has been chased away by them?॥28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥