श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 57: संजयद्वारा पाण्डवोंकी युद्धविषयक तैयारीका वर्णन, धृतराष्ट्रका विलाप, दुर्योधनद्वारा अपनी प्रबलताका प्रतिपादन, धृतराष्ट्रका उसपर अविश्वास तथा संजयद्वारा धृष्टद्युम्नकी शक्ति एवं संदेशका कथन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  5.57.24 
ये चान्ये पार्थिवा राजन् प्रत्युद्यास्यन्ति सङ्गरे।
समाह्वानेन तांश्चापि पाण्डुपुत्रा अकल्पयन्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! पाण्डवों ने उन सब राजाओं के नाम भी ले लिये हैं जो आपकी ओर से युद्ध में उतरेंगे और अपना-अपना भाग निश्चित कर लिया है।
 
O King! The Pandavas have also taken the names of all the other kings who will enter the war on your behalf and have decided their share. 24.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)