श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 57: संजयद्वारा पाण्डवोंकी युद्धविषयक तैयारीका वर्णन, धृतराष्ट्रका विलाप, दुर्योधनद्वारा अपनी प्रबलताका प्रतिपादन, धृतराष्ट्रका उसपर अविश्वास तथा संजयद्वारा धृष्टद्युम्नकी शक्ति एवं संदेशका कथन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  5.57.21 
चेकितान: सोमदत्तं द्वैरथे योद्‍धुमिच्छति।
भोजं तु कृतवर्माणं युयुधानो युयुत्सति॥ २१॥
 
 
अनुवाद
चेकितान द्वैरथ युद्ध में सोमदत्त से युद्ध करना चाहता है। सात्यकि भोजवंश के कृतवर्मा से युद्ध करने के लिए उत्सुक है।
 
Chekitana wishes to fight with Somadatta in the Dwairatha war. Satyaki is eager to fight with Kritavarma of the Bhoja dynasty.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)